Old Pension Good News: राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण मांग को पूरा करते हुए प्रदेश के हजारों चतुर्थ श्रेणी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पेंशन देने का फैसला लिया है , सरकार ने इन्हें ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत शामिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सुरेंद्र सिंह केस के आधार पर सभी पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने का निर्णय किया है , यह हजारों चतुर्थ श्रेणी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं और 14 फरवरी 2019 की अधिसूचना में संशोधन कर दिया गया है।
हजारों कर्मचारियों के लिए OPS पेंशन का रास्ता साफ
इस फैसले से प्रदेश के वे कर्मचारी जो वर्षों से दैनिक वेतन आधार पर कार्य कर रहे थे अब पेंशन के योग्य हो जाएंगे। कर्मचारियों की मांगों और सेवा असमानताओं से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जिसके बाद सरकार ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार अब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दैनिक वेतन सेवा का लाभ (5 वर्ष = 1 वर्ष) पेंशन गणना के लिए दिया जाएगा , यह लाभ उनकी नियमित नियुक्ति की तिथि पर निर्भर नहीं करेगा।
जानिए कैसे लागू होगा यह नियम ?
पुरानी पेंशन स्कीम को 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी रूप से बहाल करने के बाद यह निर्णय लिया गया है , संशोधित निर्देश केवल उन्हीं कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो अब CCS पेंशन नियम 1972 (OPS) के तहत आते हैं।
नियम के अनुसार
5 वर्ष दैनिक वेतन सेवा = 1 वर्ष क्वालीफाइंग सर्विस
अधिकतम 2 वर्ष तक की क्वालीफाइंग सर्विस मिलेगी
लाभ तभी मिलेगा जब कुल नियमित सेवा + दैनिक वेतन सेवा से प्राप्त अवधि 10 वर्ष पूरी हो जाए
इन कर्मचारियों को मिलेगा Old Pension Scheme का लाभ
- वे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जिनकी सेवाएं नियमितीकरण नीति के तहत नियमित की गई थीं।
- जिन कर्मचारियों को 15 मई 2003 या उसके बाद नियमित किया गया था और वे NPS में थे, वे भी OPS का विकल्प चुनकर पेंशन प्राप्त कर सकेंगे।
- ऐसे कर्मचारियों को NPS में जमा सरकारी योगदान और लाभांश को वापस सरकारी खजाने में जमा करवाना होगा।
- जिन कर्मचारियों ने अभी तक OPS का विकल्प नहीं चुना है, वे 60 दिनों के भीतर विकल्प दर्ज कर सकते हैं।
पेंशन की प्रभावी तिथियां
15 मई 2003 से पहले नियमित कर्मचारियों के लिए पेंशन 1 जनवरी 2018 से लागू मानी जाएगी।
15 मई 2003 के बाद नियमित और पहले NPS में शामिल कर्मचारियों के लिए पेंशन 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी होगी।
इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश के हजारों चतुर्थ श्रेणी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।